हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह
के लिए योग्य है।
शव्वाल के छः रोज़ों को शव्वाल के दूसरे दिन
से आरंभ करना संभव है, क्योंकि ईद के दिन रोज़ा
रखना हराम (निषिद्ध) है, तथा आपके लिए शव्वाल
के महीने के किन्हीं भी दिनों में छः रोज़ा रखना संभव है, और बेहतरीन नेकी वह है जिसे
जल्दी कर लिया जाये।
तथा इफ्ता की स्थायी समिति के पास निम्नलिखत
प्रश्न आया :
क्या छः रोज़ों को रमज़ान के महीने के बाद ईद
के दिन के तुरंत पश्चात ही रखना आवश्यक है या कि ईद के बाद शव्वाल के महीने में निरंतर
कई दिनों के पश्चात रोज़ा रखना जाइज़ है, या नहीं ॽ
तो स्थायी समिति ने निम्न लिखित उत्तर दिया
:
उसके लिए ईदुल फित्र के तुरंत पश्चात ही रोज़ा
रखना आवश्यक नहीं है बल्कि उसके लिए जाइज़ है कि उसके रोज़े का आरंभ ईद के एक दिन या
कई दिनों के बाद करे, तथा वह उन दिनों का निरंतर
रोज़ा रखे या अपनी आसानी और सुविधा के अनुसार शव्वाल के महीने में विभिन्न दिनों में
रोज़ा रखे, इस विषय में मामले के अंदर विस्तार है, तथा शव्वाल के छः रोज़े अनिवार्य नहीं
हैं, बल्कि ये सुन्नत हैं।
और अल्लाह तआला ही तौफीक़ प्रदान करने वाला है
तथा अल्लाह तआला हमारे ईश्दूत मुहम्मद, आपकी संतान और साथियों पर दया और शांति अवतरित
करे।
फतावा स्थायी समिति 10 / 391.